अगर आप राजस्थान में कोई कमर्शियल वाहन — ट्रक, बस, टैक्सी या माइनिंग वाहन — चलाते हैं, तो आपने AIS 140 शब्द ज़रूर सुना होगा। यह लेख बताता है कि यह नियम क्या है, यह आप पर कैसे लागू होता है, और इसे पूरा न करने पर क्या नुकसान हो सकता है।
AIS 140 भारत सरकार द्वारा तय किया गया एक तकनीकी मानक है, जिसके तहत वाहनों में लगने वाले GPS ट्रैकिंग डिवाइस को कुछ न्यूनतम सुरक्षा और तकनीकी आवश्यकताएं पूरी करनी होती हैं — जैसे पैनिक बटन, टैम्पर अलर्ट, और सरकारी सर्वर से रियल-टाइम डेटा शेयरिंग।
राजस्थान परिवहन विभाग ने VLTS (Vehicle Location Tracking System) के ज़रिए इस नियम को Vahan पोर्टल से जोड़ दिया है। जब तक आपके वाहन में सर्टिफाइड AIS 140 डिवाइस लगा हुआ VLTS पोर्टल पर "ऑनलाइन" न दिखे, तब तक फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट रिन्यूअल में रुकावट आ सकती है।
बजरी, चूना पत्थर और ग्रेनाइट जैसे खनिज ले जाने वाले वाहनों के लिए राजस्थान खान एवं भूविज्ञान विभाग ने भी अपना पोर्टल लिंकिंग अनिवार्य किया है। इससे e-Rawanna (रॉयल्टी पास) जनरेशन और वेटब्रिज पर वाहन की पहचान स्वचालित हो जाती है।
डिवाइस खरीदते समय यह ज़रूर जांचें कि वह ARAI सर्टिफाइड हो, राजस्थान RTO और खान विभाग पोर्टल से पहले से एम्पैनल्ड हो, और उसमें पैनिक बटन व टैम्पर अलर्ट जैसे अनिवार्य फीचर मौजूद हों। RevoltTrack का डिवाइस इन सभी मानकों को पूरा करता है और राजस्थान भर में इंस्टॉलेशन सपोर्ट देता है।